रायपुर, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आज जिला कलेक्टरों को मध्यान्ह
भोजन के मेन्यू के संबंध में स्पष्टीकरण जारी किया गया है। पत्र
में कहा गया है कि विभाग के एक अन्य पत्र क्रमांक एफ 7-1/2014/20-एक
दिनांक 15.01.2019 के तहत प्रोटीन एवं कैलोरी की पूर्ति के लिए मध्यान्ह
भोजन के साथ सप्ताह में कम से कम दो दिन अण्डा या दूध या समतुल्य
न्यूट्रीशन मूल्य का खाद्य पदार्थ दिए जाने का उल्लेख एवं सुझाव है। चूंकि
शाकाहारी परिवार के बालक एवं बालिकाएं भी शासकीय शालाओं में मध्यान्ह भोजन
ग्रहण करते हैं, अतः स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सुझाव के क्रियान्वयन के
संबंध में कलेक्टरों को स्पष्टीकरण जारी किया गया है। इस
स्पष्टीकरण के तहत स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव ने कलेक्टरों को
निर्देशित किया है कि आगामी दो सप्ताह में शाला विकास समिति एवं पालकों की
बैठक शाला स्तर पर आयोजित कराई जाए। इस बैठक में ऐसे छात्र-छात्राओं को
चिन्हित किया जाए जो मध्यान्ह भोजन में अण्डा ग्रहण नहीं करना चाहते हैं। मध्यान्ह
भोजन तैयार करने के बाद अलग से अण्डे उबालने अथवा पकाने की व्यवस्था की
जाए। इसके तहत जिन छात्र-छात्राओं को चिन्हित किया गया है, उन्हें मध्यान्ह
भोजन के समय पृथक पंक्ति में बैठाकर मध्यान्ह परोसा जाएं। पत्र
में कहा गया है कि जिन शालाओं में अण्डा वितरण किया जाना हो, वहां
शाकाहारी छात्र-छात्राओं के लिए अन्य प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ यथा
सुगंधित सोया दूध, सुगंधित मिल्क, प्रोटीन क्रंच, फोर्टिफाइड बिस्किट,
फोर्टिफाइड सोयाबड़ी, सोया मूंगफल्ली चिकी, सोया पापड़, फोर्टिफाइड दाल
इत्यादि विकल्प की व्यवस्था की जाएं। यह भी कहा गया है कि यदि पालकों की बैठक में मध्यान्ह भोजन में अण्डा
दिए जाने के लिए आम सहमति न हो, तो ऐसी शालाओं में मध्यान्ह भोजन के साथ
अण्डा न दिया जाकर घर पहंुचाकर पूरक आहार के प्रदाय की रीति शाला विकास
समिति द्वारा विकसित की जाएं

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