पवन निषाद
मगरलोड।मगरलोड
ब्लाक में सत्र 2019-20 में अशासकीय स्कूल नर्सरी क्लास से 12वी तक
प्राथमिक,माध्यमिक एवम हाई स्कूलों को मान्यता मिली है।जहां 33 स्कूल
संचालित हो रहा है।ब्लाक में ऐसे स्कूल भी है जो सामुदायिक भवन में संचालित
हो रही है जहां न पर्याप्त भवन ,कक्ष, स्कूल मैदान न ही बालक बालिकाओ के
लिए शौचलय की व्यवस्था नही है फिर भी मापदंडों को बेहतर बता कर मान्यता
देती है।जिन प्राइवेट स्कूल में बच्चो के बैठने पर्याप्त कक्ष नही,खेलने
के लिए मैदान नही,बालक बालिका के लिए अलग अलग शौचालय नही ऐसे में यह
अशासकीय स्कूल शिक्षा के अधिकार अधिनियम का खुले आम उल्लंघन कर रहा
है। स्कूल संचालक अच्छी सुविधा देने के नाम पर
मोटी रकम लेकर केवल शिक्षा को व्यवसायीकरण कर दिया है।पालको से भी भारी
भरकम फीस ली जाती है मगर सुविधा कुछ नही मिलती।पर्याप्त भौतिक संसधान नही होने के
बावजूद ब्लाक में 33 अशासकीय स्कूल को मान्यता मिली है जो संचालित हो रहा
है।जबकि स्कूलों का निरीक्षण देखा जाए तो शिक्षा के अधिकार के तहत दी जाने
वाली सुविधा नही है।ब्लाक में कही कही अशासकीय स्कूल किराए में संचालित
हो रहा है ।अब सवाल यह उठता
है जिला शिक्षा विभाग द्वारा किस मापदंड से मान्यता दी है।अभिभावको को भी
प्राइवेट स्कूल में मिलने वाली सुविधा से अवगत होनी चाहिए केवल पढाई के नाम
पर व्यवसायीकरण न करे।
इस सम्बंध में ग्रामीणों कि कोई शिकायत नही आई है शिकायत आने पर कार्यवाही होगी।
टी के साहू जिला शिक्षा अधिकारी धमतरी

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