भूपेंद्र साहू
धमतरी छत्तीसगढ़ी
फिल्मों की कड़ी में अब बायोपिक फिल्म का ट्रेंड शुरू हो गया है इसकी
शुरुआत प्रसिद्ध कलाकार और नाचा के जनक मंदराजी के जीवनी पर बन गई है।
फिल्म रिलीज के लिए तैयार हो चुकी है ।इस फिल्म के निर्माता-निर्देशक नायक
नायिका फिल्म के प्रमोशन के लिए धमतरी पहुंचे। नायक करण खान नायिका ज्योति
पटेल निर्माता-निर्देशक विवेक शर्मा दीपक साहू ने बताया कि उनके मन में यह
ख्याल आया कि क्यों ना छत्तीसगढ़ के पुरोधा और पूर्व में मध्यप्रदेश के
दौरान नाचा के जनक मंदराजी पर फिल्म बनाई जाए ।उन्होंने बताया कि मंदराजी
राजनांदगांव के रवेली गांव के निवासी थे और उन्होंने 1911 से 1984 तक अपने
नाचा पार्टी के लिए सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।इस फ़िल्म में छत्तीसगढ़ी
समावेश किया गया है ।जब रास्ते नहीं हुआ करते थे लाइट नहीं हुआ करती थी और
लोग कैसे जीवन यापन करते थे उस दौरान नाचा की कला को मंदराजी ने संजोकर आगे
बढ़ाया और उसी के लिए अपना जीवन न्यौछावर कर दिया था ।फिल्म में शुद्ध
छत्तीसगढ़ी बोली का उपयोग किया गया है ।साथ ही गीत संगीत भी शुद्ध
छत्तीसगढ़ी लिया गया है ।बातचीत के दौरान अभिनेता करण खान ने बताया कि
पिछले सरकार छत्तीसगढ़ के कलाकारों के लिए कोई खास कदम नहीं उठाई थी उन्हें
उम्मीद है कि अब वर्तमान सरकार आगे कलाकारों के लिए बेहतर प्रयास करेगी ।
कौन थे मंदिरा जी
बताया
कि मंदराजी का असली राम दुलार सिंह साव था वे राजनंदगांव से 7 किलोमीटर
दूर ग्राम रवेली के निवासी थे और वही के नाम से रवेली नाचा पार्टी बनाए थे।
पहले खड़ी नाचा हुआ करती थी तब जाकर कुछ समय बाद फिर बैठ कर शुरुआत हुई।
मंदराजी के जीवन पर पाठ्य पुस्तक निगम ने कक्षा छठवीं के पुस्तक में नाचा
के पुरोधा का भी समावेश किया है ।1 अप्रैल को रवेली में महोत्सव का भी
आयोजन किया जाता है। उनके कला को देखकर छत्तीसगढ़ी फिल्म के कलाकार
प्रोत्साहित भी हुए है।

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