डाॅक्टरों की पर्ची में दवाई की लिखावट स्पष्ट नहीं



जेनेरिक दवाई को विशेष महत्व देने पर कलेक्टर ने दिया जोर

 

धमतरी, आम जन को कम दर पर जीवन रक्षक दवाई मिल सके इस उद्देश्य से कलेक्टर रजत बंसल ने स्वास्थ्य विभाग, जिला औषधि प्रशासन एवं मेडिकल संचालकों की बैठक ली। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में 13 अगस्त को आहूत इस बैठक में कलेक्टर ने कम दर की (जेनेरिक) दवाई को ज्यादा महत्व देने पर जोर दिया। उन्होंने मेडिकल संचालकों से कहा कि मरीज उनके पास दवाई खरीदने आए, तो उन्हें यह समझाईश देते हुए ब्रांडेड दवाई की बजाय जेनेरिक दवाई का विक्रय ही किया जाए। कलेक्टर ने सभी मेडिकल संचालकों को सख्त लहजे में कहा कि मेडिकल स्टोर्स अमानक, प्रतिबंधित अथवा कालातीत दवाई बिल्कुल भी नहीं रखें। इसके बावजूद यदि पाया जाता है, तो संबंधित संचालक के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि टी.बी.(क्षय) रोगी दवाई लेने आने पर पहले उन्हें जिला अस्पताल खखार तथा ड्रग्स रजिस्टेस जांच के लिए जरूर भेजा जाए। साथ ही मरीज को आॅनलाईन डाटा एंट्री प्रक्रिया निक्षय पोर्टल पर भी एन्ट्री कराना अनिवार्य है। बताया गया है कि इस संबंध में प्रशिक्षण भी दिया गया है।
बैठक में मेडिकल संचालकों द्वारा बताया गया कि कुछ डाॅक्टरों की पर्ची में दवाई की लिखावट स्पष्ट नहीं होती। इस पर कलेक्टर ने जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.डी.के.तुर्रे को निर्देशित किया कि वे सभी चिकित्सकों को कैपीटल लेटर में स्पष्ट अक्षरों में दवाई लिखने संबंधी पत्र प्रेषित करें। उन्होंने जिला अस्पताल  में मरीज पर्ची में लिखी जाने वाली दवाईयों को कम्प्यूटरीकृत कर प्रायोगिक तौर पर करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला चिकित्सालय के चिकित्सक सहित जिले के मेडिकल संचालक उपस्थित रहे।

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