मजदूर दिवस के अवसर पर मनरेगा के 91 हजार 888 मजदूरों को मिला काम


लाॅकडाउन में श्रमिकों के लिए मनरेगा कार्य बना संजीवनी

 धमतरी कोरोना वायरस के संक्रमण से देश और प्रदेश के हर व्यक्ति भयभीत है। गांव-गांव में तालाबंदी होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं जनजीवन पर बुरी तरह से प्रभाव पड़ रहा है। 25 मार्च से पूरे देश में कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए आपातकाल की स्थिति में जिला प्रशासन द्वारा पंचायतों को 02 क्विंटल चांवल रखने का सक्त निर्देश दिया गया है कि बेघर एवं बेसहारा परिवार को आवश्यकतानुसार चांवल दी जावे ताकि कोई व्यक्ति भूखा न सोये। कलेक्टर रजत बंसल के मार्गदर्शन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नम्रता गांधी के निर्देशन में लाॅकडाउन से निपटने प्रत्येक पंचायतों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनांतर्गत कार्य स्वीकृत किये गये। जिसमें मुख्य रूप से भूमि सुधार, मिट्टी सड़क निर्माण, नया तालाब निर्माण, डबरी निर्माण, तालाब गहरीकरण के कार्य प्राथमिकता से कराये जा रहे हैं। रिकार्ड 91 हजार 888 श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया जो कि विगत 10 वर्षों में सबसे अधिक है। कार्यों में जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्यो  को प्राथमिकता के आधार पर कराया जा  रहा है। निश्चित रूप से आगामी मानसून में उक्त कार्य से जल स्तर में बढ़ोत्तरी होगी। महिला श्रमिकों के द्वारा भी कार्यस्थल पर बढ़ चढ़कर भागीदारी की जा रही है।
जिला प्रशासन के निर्देशानुसार विकासखंड नगरी में प्रदान संस्था एवं मगरलोड विकासखंड में एग्रोकेट सोसायटी के द्वारा ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु कार्ययोजना निर्माण में सहयोग किया जा रहा है। ग्राम पंचायत के साथ क्रियान्वयन एजेंसी वन विभाग, उद्यानिकी विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग, जल संसाधन विभाग द्वारा भी कार्यों को प्रारंभ कर श्रमिक नियोजित किये जा रहे हैं। विदित हो कि कलेक्टर श्री रजत बंसल द्वारा जिले में विगत समीक्षा बैठक के दौरान मनरेगा में जिला का लक्ष्य प्रतिदिन 01 लाख श्रमिक नियोजित हेतु निर्देश दिया था।
 
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत  नम्रता गांधी ने बताया कि-जिले मंे एक दशक बाद 91 हजार 888 श्रमिक मनरेगा कार्य में नियोजित हैं। कार्यस्थल में मनरेगा श्रमिकों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने, फेसमास्क लगाकर कार्य करने, स्वच्छता के लिए हैण्डवाश या साबुन से समय-समय पर हाथ धोने, छाया की व्यवस्था, पेयजल की व्यवस्था, मेडिकल किट सहित सारी सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही है। कुल मिलाकर हम कह सकते हैं कि लाॅकडाउन से निपटने मनरेगा कार्य मजदूरों के लिए संजीवनी है। विकासखंड-धमतरी में 19 हजार 201 श्रमिक, विकासखंड-कुरूद में 27 हजार 311 श्रमिक,  विकासखंड-मगरलोड में 21 हजार 627 श्रमिक, विकासखंड-नगरी में 23 हजार 749 श्रमिक कार्य कर रहे हैं।

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