अन्तर्राष्ट्रीय होम्योपैथिक वेबिनार में कोविड के रोकथाम एवं इलाज पर हुई चर्चा


 




इन्दौर। देश व विदेश के होम्योपैथिक चिकित्सकों द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय होम्योपैथिक वेबिनार का आयोजन किया, जिसमें कोविड19 की महामारी से उत्पन्न वैश्विक संकट से उभरने के बारे में विस्तृत व्याख्यान दिया। भारत देश सहित दुनिया के विभिन्न देशों में भी इस महामारी का प्रकोप हैं। इस संकटकाल में वैश्विक स्तर पर इससे बचाव के क्या प्रयास किये जा रहे हैं एवं वहाँ की शासन-प्रशासन इस महामारी से निपटने की क्या व्यवस्थायें की हैं आदि विषयों पर विस्तृत चर्चा की गयी। इससे स्पष्ट हुआ कि जिस तरह हमारे देश के नागरिकों में इस संकट का भय व्याप्त है, उसी तरह अन्य देशों में भी ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। शासन-प्रशासन इस संकट से निजात के लिये हर सम्भव प्रयास करने में जुटा है, जिसके सकारात्मक परिणाम संक्रमण की वृद्धि में अपेक्षाकृत कमी के रूप में देखने को मिल रहा और जनजीवन क्रमशः सामान्य हो रहा है। 

वेबिनार का उद्घाटन आयुष मन्त्री द्वारा वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिये किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये केन्द्रीयआयुष मन्त्री श्रीपाद नाईक जी ने दुनिया भर के होम्योपैथिक डॉक्टरों, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, युवा शोधकर्ताओं, प्रशिक्षुओं और होम्योपैथी के विद्यार्थियों को बधाई दी। अपने उद्बोधन में बताया कि, दुनिया में भारत एकमात्र ऐसा देश है जहाँ पूर्ण रूप से आयुष मंत्रालय की वृहद् एवं विकसित रूप से स्थापना की गई है और इस कोविड महामारी के दौर मेंआयुष चिकित्सा प्रणालियाँ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए अहम् भूमिका निभा रही है। परिणामतः संक्रमण के बाद रिकवरी रेट में वृद्धि हुई है और मृत्यु दर में कमी आई है। 

बतौर विशिष्ट अतिथि इन्दौर सांसद शंकर लालवानी जी ने सभी प्रतिभागियों को इन्दौर में किये गये प्रयासों से अवगत कराया और यह भी बताया कि कोरोना को बढ़ने से रोकने में आयुष की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली होम्योपैथी दवा तथा आयुर्वेदिक काढ़ा का काफी योगदान रहा, जिसकी वजह से आज इन्दौर में कोविडमरीजों की संख्या में रिकार्ड कमी आई है। डॉ. शशि मोहन शर्मा जी ने कोरोना से जुड़े विभिन्न मिथ के बारे में बताते हुए मिथक कल्पित बातों से लोंगो को बचते हुए साइंटिफिक बातों पर विश्वास करने तथा वैज्ञानिक आधारित तथ्यों को अनुसरण करने की सलाह दी।  डाॅ. निकुंज त्रिवेदी ने पैथो फिजियोलाॅजी के बारे में लोगों को बताते हुये कहा कि,  RNA व  DNA पर वायरस कैसे अटैक करता है। इसी प्रकार डाॅ. जयेश पटेल ने फेफड़ों में संक्रमण को रोकने के बारे में विस्तृत से बताया। इन्दौर  के होम्योपैथिक चिकित्सक, अनुसंधानकर्ता,  डॉ. ए.के. द्विवेदी ने देश में कोविड19 संक्रमण के बचाव में होम्योपैथी तथा आयुष की भूमिका के बारे में विस्तृत चर्चा किया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिभागियों को धन्यवाद भी ज्ञापित किया। संचालन एवं आभार कोमल द्विवेदी ने जूम एवं वीडियो संचालन अथर्व द्विवेदी ने  किय। 

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