शिक्षा का पहला उद्देश्य अच्छा इंसान और एक अच्छा नागरिक बनाना है- कलेक्टर जेपी मौर्य



मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण योजना के तहत 15 शिक्षक हुए सम्मानित


धमतरी 18 सितंबर 2020। कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य की उपस्थिति में शैक्षिक वर्ष 2019-20 में शिक्षा तथा सह शैक्षिक गतिविधियों और बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान करने वाले जिले के 15 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण योजना के तहत प्राइमरी स्कूलों में उल्लेखनीय सहयोग करने वाले 12 शिक्षकों को शिक्षा दूत के तौर पर सम्मनित किया गया। इसके तहत उन्हें प्रशस्ति पत्र, श्रीफल और 5000 रुपए की नगद राशि दी गई। साथ ही ज्ञानदीप पुरस्कार से 3 मिडिल स्कूल के शिक्षकों को सम्मानित किया गया। उन्हें बतौर सम्मान श्रीफल, प्रशस्ति पत्र और 7000 रूपए की नगद राशि प्रदाय की गई।

 इस दौरान हर विकासखंड से सम्मानित कुछ शिक्षकों से उनके उत्कृष्ट कार्यों के बारे में विस्तार से पूछा गया। किसी ने शिक्षण अधिगम सामग्री के जरिए विषय को रोचक बनाया, तो किसी ने अभिभावकों को समझाइश दी, कि बच्चों की स्कूल में उपस्थिति सुनिश्चित करें। किसी ने विद्यार्थियों का स्कूल के प्रति ज्यादा सकारात्मक कर रुचिकर बनाया, किसी शिक्षक के प्रयास से स्कूल के विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे-राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा, नवोदय, प्रयास, एकलव्य में प्रवेश मिला, तो किसी ने किचन गार्डन, लाइब्रेरी, अधोसंचनात्मक कार्य विकसित करने में सहयोग किया। यह सब खेल-खेल में रुचिकर तरीके से बच्चों को सिखाया गया। इन कवायदों और मेहनत की वजह से स्कूल का शैक्षिक स्तर तो सुधरा ही, बच्चों की उपस्थिति भी पहले से ज्यादा बेहतर हुई।

शिक्षकों की बातें सुनने के बाद कलेक्टर श्री मौर्य ने कहा कि पढ़ाई का पहला उद्देश्य एक अच्छा इंसान, अच्छा नागरिक बनाना है, समाज में एक अच्छे इंसान का योगदान सकारात्मक होता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा के जरिए बच्चों में अनुशासन, इच्छाशक्ति और काम करने की नियत लाने का प्रयास किया जाए। कलेक्टर ने यह भी कहा कि प्राथमिक शिक्षा निर्णय लेने की क्षमता को विकसित करता है। उन्होंने जोर दिया कि पढ़ाते वक्त शिक्षक की जिम्मेदारी है, कि वे महज अच्छे नंबर लाने वाले बच्चों पर ही नहीं, बल्कि कक्षा के सभी विद्यार्थियों पर फोकस रखेंगे। कलेक्टर ने यह भी कहा कि शिक्षकों का दायित्व है कि वे सभी बच्चों से एक सा व्यवहार रखें। उन्होंने इस मौके पर सम्मानित शिक्षकों को सराहा और भविष्य में अन्य शिक्षकों को भी इनसे प्रेरणा लेकर विद्यार्थियों को और रुचिकर तरीके से पढ़ाने पर जोर दिया, ताकि शिक्षक की जो छवि और सम्मान बच्चों के मन में है वह और बढ़े।

इस मौके पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्रीमती नम्रता गांधी ने उत्कृष्ट कार्य किए इन शिक्षकों की काफी सराहना की। उन्होंने कोरोना काल में सभी शिक्षकों से अपेक्षा की कि वे जहां तक संभव हो बच्चों को ’सीख’ और ’पढ़ाई तुहंर द्वार’ एवं ’पढ़ाई तुहंर पारा’ के जरिए पढ़ाते रहें।

जिला शिक्षा अधिकारी रजनी नेल्सन ने कहा कि शिक्षक होना एक बड़ी जिम्मेदारी है, अतः आनेवाली पीढ़ी को एक सही राह दिखाने में शिक्षक सहयोग करें।

ये शिक्षक हुए सम्मानित

शिक्षा दूत पुरस्कार से धमतरी विकासखण्ड के शासकीय प्राथमिक शाला मरारपारा बारना के सहायक शिक्षक एल.बी.  शैलेन्द्र कुमार यादव, शासकीय प्राथमिक शाला उड़ेना के मनोज कुमार साहू और शासकीय प्राथमिक शाला सोरिदभाट के सहायक शिक्षक (न.नि.) ज्ञानेन्द्र कुमार गुप्ता का सम्मान किया गया। कुरूद विकासखण्ड के शासकीय प्राथमिक शाला सरबदा के सहायक शिक्षक एल.बी. मंत्री गाडगे, शासकीय प्राथमिक शाला भेलवाकूदा की  ममता साहू और शासकीय प्राथमिक शाला भठेली की  लेखनी साहू को सम्मानित किया गया। मगरलोड विकासखण्ड के शासकीय प्राथमिक शाला कुकरीना के सहायक शिक्षक एल.बी.  नालेश कुमार कुर्रे, शासकीय प्राथमिक शाला मोहंदी के रविकांत गोस्वामी और शासकीय प्राथमिक शाला पालवाड़ी के गौतम पोटाई को सम्मानित किया गया। नगरी विकासखण्ड के शासकीय प्राथमिक शाला टेंगना के सहायक शिक्षक एल.बी.संतोष कुमार बांधव, शासकीय प्राथमिक शाला लटियारा के प्रमोद कुमार साहू और शासकीय प्राथमिक शाला दुगली कीे छनिता साहू को सम्मानित किया गया।
इसी तरह ज्ञानदीप पुरस्कार से मिडिल स्कूल के तीन शिक्षक एल.बी. सम्मानित हुए। इनमें कुरूद विकासखण्ड के शासकीय माध्यमिक शाला हंचलपुर के  धनेश्वरी देवांगन, शासकीय माध्यमिक शाला दहदहा की कामेश्वरी ध्रुव और धमतरी विकासखण्ड के शासकीय माध्यमिक शाला बारना के हीरालाल साहू शामिल हैं।

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