संवेदनशील योजनाओं से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंची खुशहाली


समाज कल्याण विभाग अंतर्गत समाज के जरूरतमंदों को मिली मदद 

गरियाबंद   समाज के पिछड़े कमजोर, जरूरतमंद और अंतिम व्यक्ति तक खुशहाली पहुंचाना जनकल्याणकारी शासन का मुख्य उद्देश्य है। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील सरकार के मुखिया भूपेश बघेल अपनी योजनाओं से समाज के दिव्यांग और जरूरतमंद लोगों को पिछले दो वर्ष में राहत ही नहीं बल्कि उनके चेहरों में मुस्कुराहट बिखेरी है।


 जिले में समाज कल्याण विभाग अंतर्गत सामाजिक सहायता पेंशन योजना से 61 हजार 351 हितग्राहियों को डीबीटी एवं नाॅन-डीबीटी के माध्यम से प्रत्येक माह पेंशन राशि का भुगतान सीधे उनके खाते में किया जा रहा है। वहीं दिव्यांगजन छात्रवृत्ति योजना से दिव्यांग छात्र/छात्राएॅ जो शाला में अध्ययनरत है उन्हे छात्रवृत्ति प्रदान कर उनके भविष्य के सपनों को साकार कर रही है। इस योजनांतर्गत वर्ष 2020-21 में 350 हितग्राहियो को छात्रवृत्ति प्रदान किया गया है। उच्च शिक्षा प्रोत्साहन योजना अंतर्गत क्षितिज अपार योजना का संचालन किया जा रहा है। इसक तहत उच्च शिक्षा में अध्ययनरत दिव्यांग छात्र-छात्राओ को 6 हजार रूपये प्रोत्साहन राशि एकमुश्त प्रदान किया जाता है। वर्ष 2020-21 में इस योजनांतर्गत जिले के 03 दिव्यांग छात्र-छात्राओं को 18 हजार रूपये प्रोत्साहन राशि प्रदाय किया गया है।
 

दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना अंतर्गत दिव्यांग महिला-पुरूष जिसमें से एक दिव्यांग होने की दशा में रूपयें 50 हजार तथा दम्पत्ति में दोनो दिव्यंाग होने की दशा में रूपयें 1 लाख प्रोत्साहन राशि प्रदाय किया जाता है। वर्ष 2020-21 में  07 दिव्यांगजनो को राशि प्रदाय किया गया है। अब उनका जीवन खुशहाल हो गया है।
दिव्यांगजनों के स्वरोजगार के लिए योजनाएं संचालित की जा रही है, ताकि दिव्यांगजन व्यवसाय कर आत्मनिर्भर और स्वालम्बी जीवन जी सके। निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के द्वारा दिव्यांग पुरूषो को मात्र 6 प्रतिशत की ब्याज दर तथा महिलाओ को मात्र 5 प्रतिशत ब्याज दर पर स्वरोजगार स्थापित किये जाने हेतु ऋण उपलब्ध कराया जाता है। जिला-गरियाबंद में 53 दिव्यांगजनो को स्वरोजगार स्थापित किये जाने हेतु रूपयें 1 करोड़ 34 लाख 78 हजार 820 रूपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है।

 दिव्यांगजनों को सबसे अधिक आवश्यकता सहायक या कृत्रिम अंग उपकरणों की होती है। ताकि उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में सहुलियत हो। कृत्रिम अंग उपकरण योजनांतर्गत दिव्यांगजनों को आवश्यकतानुसार कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण जैसेः- ट्रायसायकल, मोटराईज्ड ट्रायसायकल, व्हीलचेयर, श्रवणयंत्र, बैशाखी, सी.पी. चेयर, ब्लाइंड स्टीक आदि प्रदाय किया जाता है। इस योजनांतर्गत वर्ष 2019-20 में कुल 66 हितग्राही तथा वर्ष 2020-21 में 89 हितग्राहियो को उपकरण प्रदान कर उनके जीवन को आसान बनाया गया है।  

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