आबकारी विभाग में लाखों की हेरा फेरी, जांच दल गठित,जिला आबकारी अधिकारी सहित कई लोगों की भूमिका संदिग्ध

 

धमतरी 08 जनवरी 2021।जिले में आबकारी विभाग में मगरलोड एवं धमतरी के देशी/विदेशी मदिरा बिक्री की लाखों रूपए विभागीय खाते में जमा करने में हेराफेरी का मामला प्रकाश में आया है। जिसमें जिला आबकारी अधिकारी, हेंडलिंग एजेंसी, कार्यरत बाबू तथा संबंधित आबकारी उपनिरीक्षक की भूमिका अत्यंत संदिग्ध प्रतीत हो रही है। इसके मद्देनजर कलेक्टर  जय प्रकाश मौर्य ने तथ्यों की विस्तृत जांच के लिए संयुक्त जांच दल गठित किया है। दल में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मयंक चतुर्वेदी तथा डिप्टी कलेक्टर सुनील शर्मा सम्मिलित हैं। जांच दल का जिम्मा होगा कि वे अपना प्रतिवेदन अभिमत सहित सात दिनों के भीतर कलेक्टर को प्रस्तुत करेंगे।

 अधिकारी को हटाने  लिखा पत्र

इसी मामले में कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने जिला आबकारी अधिकारी मोहित जायसवाल को हटाने, प्रबंध संचालक सीएसएमसीएल रायपुर को एक पत्र लिखा  है। बताया गया है कि अगस्त 2020 में मगरलोड के मदिरा बिक्री की राशि 985920रु समय पर जमा न करके 7 नवंबर 2020 को जमा किया गया ।इसी तरह 4 जून 2020 को बिक्री राशि 543960रुमें से 190000 रु 6जनवरी 2021 को जमा किया गया एवं ₹353960 अभी भी जमा नहीं करवाया गया है।

 


 इसी तरह धमतरी देशी-विदेशी मदिरा बिक्री माह जुलाई 2020 की राशि 739690रु में 350000रु जमा किया गया है बाकी राशि 389690रु अब तक जमा नहीं किया गया है। इसमें जिला आबकारी अधिकारी, उप निरीक्षक की भूमिका संदिग्ध जताते हुए जांच तक जिला आबकारी अधिकारी को कार्यालय आबकारी आयुक्त रायपुर में अटैच कर उनके स्थान पर किसी अन्य  अधिकारी को भेजने की मांग की गई है।


 

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