Video:गजराज मचाने लगे उत्पात, रात में गोरेगांव बस्ती तक पहुंचा था झुंड, विभाग अलर्ट

 


तेंदुए के बाद अब क्षेत्र में हाथियों की दहशतगर्दी


नगरी।कुछ ही दिनों पूर्व ब्लॉक के जिस क्षेत्र में तेंदुए ने आतंक मचाया था, उसी क्षेत्र में गुरुवार रात हाथियों ने भी आफत खड़ी की। वन अमला के लगातार मॉनिटरिंग से लोग सुरक्षित है ज्यादा नुकसान होने की खबर भी नही है।

 मुख्यालय नगरी के आसपास कई गांव ऐसे है जो जंगल से लगे है जहाँ जंगली जानवर विचरण करते रहते है इस क्षेत्र में पहली बार गुरुवार की रात  जंगली हाथियों का दल गरियाबंद की तरफ से क्षेत्र में घुस आया। खुदुरपानी में कुछ घंटे रुकने के बाद दल भैसामुडा, अमाली होते संबलपुर पहुचा जहा करीब 1 घंटे तक उत्पात मचाया। एक घर के बड़ी का दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गए वहा लगे केला और गन्ने को खाकर खड़े रहे, जिसे भगाने वन प्रहरियों ने कई जतन किये। विभागीय सूचना के मुताबिक गजदल फिरहाल संबलपुर व अमाली के जंगल मे मौजूद है। कक्ष क्रमांक 371 तक उनके पद चिन्ह मिले है जिनकी संख्या 27 से 28 है और उसमें 11 बच्चे शामिल है।


विभाग की अपील-

वन विभाग की जानकारी के मुताबिक 5 जनवरी को हाथियों का झुंड क्षेत्र में घुसने की सूचना पर लगभग सभी ग्रामो को अलर्ट कर दिया गया है लोगो से महुआ का उपयोग नहीं करने की बार-बार अपील की जा रही है। प्रशिक्षु आईएफएस आलोक बाजपाई ने कहा है महुआ के सुगन्ध से हाथी घरों में पहुच सकता है नुकसान भी पहुचा सकता है इसलिए जो भी महुआ शराब का सेवन करते है अभी घर पर न बनाये और रात में अपने घर के सामने अलाव जलाकर उसमें मिर्च डाले ताकि इसकी सुगंध से हाथी दूर चला जाए। 

वनमण्डलाधिकारी सातोविशा सामाजदार के निर्देशन पर विभाग के प्रहरी पहरे पर लगे है रात जागरण कर पल-पल की खबर रखे हुए है।


हाथियों से बचाया उड़नदस्ता टीम ने-

रामूलाल उम्र 70 वर्ष ग्राम जैतपुरी हरेंद्र नेताम उम्र 23 वर्ष बलीराम उम्र 50 वर्ष गोरेगांव से जैतपुरी की ओर रात्रि 9 बजे जा रहे थे तभी गोरेगांव से महज 1 किलो मीटर दूरी में 3 हाथियों के झुंड को देख आधे रास्ते अपनी जान बचाते गाड़ी को वहीं छोड़ गांव की ओर भागे जिन्हें उड़नदस्ता टीम के नरेश उपाध्याय द्वारा रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया।


उग्र हुए हाथी-

ग्राम गोरेगांव के स्थानीय ग्रामीण जयदेव यदुराज, प्रेमशंकर हिरवानी, लितेश्वर ध्रुव, योगेश धुव, गस्त करते 12 हाथियों के समूह को जंगल के रास्ते ग्राम आमाली में देखा जिससे वाहन में लगे सायरन की आवाज को सुन कर गजराज वाहन की ओर दौड़ने लगे उसमे बैठे लोग अपनी जान बचाने के लिए कमार पारा आमाली की ओर भागे।



विभाग के बड़े से छोटे अधिकारी कर्मचारी रातभर पहरा देते रहे जिसमे प्रशिक्षु डीएफओ आलोक बाजपाई, रेंजर नगरी जीएस परमार, सांकरा एलके सोम एआरओ गोपाल वर्मा, इतवारी राम नेताम, श्री चंदनिया वनरक्षक रिजवान रिजवी,रामकुमार ध्रुव, होरीलाल शर्मा, इस्माइल खान, महेंद्र ध्रुव, यशवंत साहू, रोमनाथ सोनी, उड़नदस्ता टीम नरेश उपाध्याय गजवाहन टीम के सदस्य सहित बड़ी संख्या में विभागीय दस्ता गोरेगांव, अमाली, संबलपुर, नगरी में तैनात है।

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