Video: गंगरेल में हाथियों ने मचाई तबाही, गार्डन, अंगारमोती मंदिर, वॉटर स्पोर्ट्स में गतिविधियां प्रतिबंधित

 


भूपेंद्र साहू

धमतरी।चंदा हाथियों के दल ने शुक्रवार की रात गंगरेल गार्डन में पहुंचकर जमकर तबाही मचाई, जिससे शासन को लाखों का नुकसान हुआ है।हाथियों ने बड़े पेड़, खिलौने, लाइट, रेलिंग, दरवाजे को तहस-नहस कर दिया । इसके बाद कलेक्टर जेपी मौर्य ने एक आदेश जारी करते हुए कहा है कि दुर्घटना की आशंका को देखते हुए गंगरेल पर्यटन क्षेत्र के गार्डन, बगीचा, अंगारमोती मंदिर में पर्यटक को दर्शन हेतु, वाटर स्पोर्ट्स में गतिविधियां आगामी आदेश तक तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाता है।

उन्होंने आदेश में कहा है कि बरदिहा एवं अन्य रिसोर्ट में पूर्व से आरक्षित अतिथियों का आगमन प्रतिबंध से मुक्त होगा। परंतु अन्य पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे रिसोर्ट, होटल, मोटल के अंदर ही रहे। जिन ग्राम पंचायतों में हाथी विचरण कर रहे हैं जनमानस की सुरक्षा के हित में हाई अलर्ट घोषित किया जाता है।

ज्ञात हो कि शुक्रवार को खिड़कीटोला, विश्रामपुर, सोरम क्षेत्र में हाथियों के दल के देखने के बाद यह रात में ही गंगरेल क्षेत्र में पहुंच गया। कंट्रोल रूम के सामने स्थित कई एकड़ में फैले गार्डन के अंदर 6 से अधिक हाथी घुस गए और वहां जमकर तबाही मचाई। केला पेड़ की आशंका के चलते पाम पेड़ को उखाड़ फेंका। झूले, रेलिंग लाइट सहित अन्य चीजों को नुकसान पहुंचाया ।लगभग 5 घंटे रहने के बाद यह दल वापस दूसरे स्थान पर निकल गया। फिलहाल अब तक गंगरेल क्षेत्र में ही बताया जा रहा है। जिससे वहां पर लोगों में दहशत बना हुआ है।

 सिंचाई विभाग के अधिकारी श्री नाग चौधरी ने बताया कि हाथियों का दल गार्डन पहुंचा था जहां पर 60 से अधिक पाम के वृक्षों को तोड़ दिया। जिसे लगाने में 5 से 10 साल लग गए थे। लाइट की भी तोड़फोड़ हुई है। इससे शासन को लाखों का नुकसान हुआ है।गार्डन के संचालक प्रितपाल छाबड़ा ने बताया कि सूचना के आधार पर लाइट बंद कर दी गई थी। सुबह देखे तो गार्डन तहस-नहस पाया गया।

  इस पूरे मामले में डीएफओ सतोविशा समाजदार  ने बताया कि रात में गंगरेल क्षेत्र में गजराज वाहन में अपनी टीम के साथ चौकसी कर रही थी ।अब इन हाथियों को केरेगांव के जंगल की ओर भेजने का प्लान है।ताकि वह सुरक्षित रह सके और किसी प्रकार की हानि ना हो।



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