धर्म की रक्षा के लिए नागा साधु-संतों ने लोमश ऋषि आश्रम में धर्मध्वजा की स्थापना की


मगरलोड। राजिम माघी पुन्नी मेला में बुधवार को नागा संत सन्यासियों ने अपने ईष्ट दत्तात्रेय भगवान का पूजा-आरती कर अपनी धर्मध्वजा की स्थापना की। दशनाम नाग सन्यासी के धर्मध्वजारोहण कार्यक्रम में सुबह से ही इस अनुष्ठान को लेकर नागाओं साधुओं में  गजब का उत्साह था। श्रद्धालुओं का हुजुम बेरिकेट के बाहर इनके जोशीले आयोजन को देखने श्रद्धा पूर्वक जुटे थे। 

नागा साधुओं ने आवश्यक पूजन-अनुष्ठान के बाद यज्ञ हवन भी किया । हर-हर महादेव की जयघोष से पूरा स्थल गूंज उठा। प्रज्जवलित ज्वाला का आशीर्वाद लेकर नागाओं ने बिना जमीन पर स्पर्श किए ध्वज को अपने स्थापना स्थल पर फहराया। साथ ही देवताओं का आह्वान किया। बताया गया कि धर्म की रक्षा के लिए यह ध्वज खड़ी की जाती है। आज ही की दिन हरिद्वार कुंभ में भी धर्मध्वज खड़ी की गई है। इस मौके पर श्रीमहंत उमेशानंद गिरी महाराज सिद्धिविनायक आश्रम के सानिध्य में जूना अखाड़ा के समस्त पदाधिकारी मौजूद थे, जिसमें प्रमुख रूप से दिगम्बर संतोषगिरी महाराज आगरा, महंत दिगम्बर सनतपुरी,महंत रामगिरि हरियाणा,महंत कमलेशानंद सरस्वती भोपाल, चंदन भारती आरंग,महंत गोकुलगिरि लोमश ऋषि राजिम,रोहितगिरि आदि थे।



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