बरात आने ही वाली थी कि संयुक्त टीम ने पहुंच कर रुकवाया बाल विवाह

 


चाइल्ड लाइन व महिला एवं बाल विकास विभाग व पुलिस विभाग संयुक्त टीम का प्रयास


 


धमतरी।  कुरूद क्षेत्र  के एक गांव से सूचना मिली कि  गांव मे नाबालिग लड़की की शादी की जा रही हैं मौके पर गाँव पहुंच कर चाइल्ड लाइन व महिला बाल विकास विभाग व पुलिस विभाग की संयुक्त टीम पहुंच कर ईडी, जन्मप्रमाण पत्र वेरिफिकेशन किया गया जिसमें लड़की की उम्र 17 साल 9 माह हो रही थी।  आज चर्रा गांव से बारात आने वाला था जिसके बाद मोबाइल से फोन करके बारात को वापसी करवाया गया।

 नाबालिग लड़की के माता पिता को चाइल्ड लाइन जिला समन्वयक नीलम साहू ने कानून के बारे बताया कि बाल विवाह करना क़ानूनन अपराध है बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 भारत सरकार का एक अधिनियम है जिसे समाज में बाल विवाह रोकने हेतु लागू किया गया है। साथ ही बाल विवाह करने वाले वयस्क पुरुष या बाल विवाह को सम्पन्न कराने वालो को अधिनियम के तहत दो साल का कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माना या सजा से दंडित किया जा सकता है।

 फिर वचन लिया कि मेरे लड़की के उम्र 18 होने के बाद शादी करेंगे ।सहमति लेकर वचन पत्र भरवाया गया। इस मौके पर महिला एवं बाल विकास विभाग से मनोज साहू,प्रमोद नेताम, चाइल्ड लाइन जिला समन्वयक नीलम साहू ,टीम सदस्य देवानंद महमल्ला, पुलिस विभाग से ए.एस.आई पुष्पेन्द्र ध्रुव, महिला आरक्षक उपस्थित रहे।




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