सावधान!ऐसे मौसम में डेंगू का है खतरा
उल्लेखनीय है कि डेंगू, मलेरिया के रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु कलेक्टर की अध्यक्षता में अंतर्विभागीय समन्वय बैठक गत 24 अप्रैल को आहूत की गई थी जिसमें संबंधित विभागों का डेंगू/मलेरिया की रोकथाम के लिए दायित्व दिये गये हैं। विभाग ने उच्च जोखिम चिन्हांकित प्रक्षेत्र -रिसगांव, खल्लारी, दुगली, जबर्रा भैंसामुड़ा, सिंगपुर अकलाडोंगरी में भ्रमण कर विभागीय तैयारी कर ली है। जहां पर डेंगू/मलेरिया के नियंत्रण हेतु टेमिफाॅस का छिड़काव एवं हेचरी में गंबुजिया मछली उत्पादन मत्स्य पालन विभाग से समन्वय कर किया जा रहा है। इसी तरह जिले के तीन विकासखंडांे (नगरी, धमतरी, मगरलोड) में आईआरएस प्रथम चक्र में 126 गांवो में डीडीटी स्प्रे का छिड़काव किया जा रहा है। अद्यतन 122 गांवों में 95 प्रतिशत जनसंख्या कवर करते हुए स्प्रे हो चुका है। दूसरे चरण में एक जुलाई से प्रारंभ होगी। स्वास्थ्य विभाग की निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श टोल फ्री नम्बर 104 पर डाॅयल कर स्वास्थ्य संबंधी सभी जानकारी ली जा सकती है।
एडीस मच्छर के काटने से होता है डेंगू
डेंगू के लक्षण:- अचानक तेज सिर दर्द व तेज बुखार, मांसपेशियों तथा जोड़ांे में दर्द होना, आंखांे के पीछे दर्द होना जो कि आंखो को घुमाने से बढ़ता है, जी मिचलना एवं उल्टी होना, गंभीर मामलों में नाक, मुंह, मसूड़ांे से खून आना, त्वचा पर चकत्ते उभरना।
डेंगूसे बचाव के उपाय:- कूलर, पानी की टंकी, पक्षियों के पीने के पानी का बर्तन, फूलदान इत्यादि को प्रति सप्ताह खाली करे व धूप में सुखाकर प्रयोग करें। नारियल का खोल, टूटे हुए बर्तन व टायरों मे पानी जमा न होने दे। घरों के दरवाजो व खिड़कियांे में जाली/परदे लगाएं।

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