प्रभारी सचिव ने कोविड 19 से बचाव के सभी उपाय करने और कोरोना टेस्ट भी नियमित रूप से करने पर जोर दिया

 

पटवारी मुख्यालय में रहें, जिले में विकास कार्यों और योजनाओं की समीक्षा की



धमतरी 18 अगस्त 2020। अपर मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं प्रशासन अकादमी नवा रायपुर तथा धमतरी जिले की प्रभारी सचिव  रेणु पिल्लई ने जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में सचिव श्रीमती पिल्लई ने राजस्व प्रकरणों के निपटारे की समीक्षा करते हुए पटवारी अपने मुख्यालय में रहें, यह सुनिश्चित करने सभी राजस्व अमले को निर्देशित किया। इस मौके पर कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य ने बताया कि नामांतरण-बंटवारे के प्रकरण में 15 दिनों में पटवारी प्रतिवेदन दिया जाए, यह तय किया गया है, वरना सम्बन्धित को स्मरण पत्र दिया जाता है। इस तरह से प्रयास है कि नामांतरण-बंटवारे के प्रकरण को जल्द निपटाया जा सके। प्रभारी सचिव ने इस प्रयास को सराहा।



स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कोविड-19 के 72 प्रकरण सामने आए हैं। इनमें से अभी 13 एक्टिव केस, दो की मृत्यु हुई और शेष स्वस्थ्य होकर लौट चुके हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.डी.के.तुर्रे ने बताया कि जिले में 10 साल से कम उम्र के बच्चे, 60 से अधिक आयु के बुजुर्ग, जिन्हें अन्य कोई बीमारी है, गर्भवती महिला और ऐसे लोग जिन्हें कोई बीमारी है, इस तरह चार वर्गों में लोगों को विभाजित कर सर्वे किया गया और 12 हजार को इन श्रेणियों में पाया गया। उन्होंने बताया कि इनकी सतत् मॉनिटरिंग की जा रही है। बताया गया है कि जिले में नौ वेंटिलेटर, 36 आई.सी.यू. बेड और 1180 बेड विभिन्न आइसोलेशन केंद्रों में उपलब्ध है। प्रभारी सचिव ने कोविड 19 से बचाव के सभी उपाय करने और कोरोना टेस्ट भी नियमित रूप से करने पर जोर दिया। इसके अलावा बारिश के मौसम में डेंगू, डायरिया और फाइलेरिया के प्रकोप के मद्देनजर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बताया गया कि डेंगू के लिए चारों विकासखण्डों में बैठक लेकर लोगों में जागरूकता लाने पर बल दिया गया और सर्वे किया गया है तथा शहरी क्षेत्रों में फॉगिंग की गई तथा रात के समय फाइलेरिया के लिए खून का नमूना लेकर परीक्षण किया जा रहा है।


  ’गोधन न्याय योजना’ की समीक्षा के दौरान बताया गया है कि जिले में गोबर खरीदी के लिए 120 गौठान पंजीकृत किए गए हैं। गत 20 जुलाई से अब तक 114 गौठान में 21 हजार क्विंटल गोबर खरीदी गई है। कलेक्टर ने मौके पर बताया कि प्रयास है, कि हर सप्ताह खरीदे गए गोबर का हितग्राहियों को भुगतान सुनिश्चित किया जाए। प्रभारी सचिव ने सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को निर्देशित किया है कि ’गोधन न्याय योजना’  को पूरी पारदर्शिता से संचालित करें। 


सिंचाई के लिए नहरों में पानी छोड़ना बंद 


बैठक में कार्यपालन अभियंता, जल संसाधन विभाग द्वारा बताया गया कि इस बारिश के मौसम में चार बड़े जलाशयों में अभी 66% ,जल भराव है। गंगरेल में 54 %माड़मसिल्ली में 77 % , दुधावा में 79%और सोंढूर में 81 %जल भराव है। वर्तमान में पांच जिलों के 2,64,000 हेक्टेयर क्षेत्र के फसल को सिंचित करने पानी छोड़ा गया। चूंकि पर्याप्त बारिश हो रही है, इसलिए आज से सिंचाई के लिए नहरों में पानी छोड़ना बंद किया जाएगा।


आदिवासी विकास विभाग की समीक्षा के दौरान सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग ने बताया कि जिले में 12,647 व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र अनुमोदित और वितरित किए गए तथा प्राप्त सभी 1843 दावे के सामुदायिक वन अधिकार पत्र अनुमोदित और वितरित किए गए। इसी तरह सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के तहत दो अधिकार पत्र नगरी के ग्राम जबर्रा और करका शामिल हैं। इस मौके पर प्रभारी सचिव ने वन विभाग, महिला और बाल विकास, स्कूल शिक्षा, अंत्यव्यवसायी, कृषि और सम्बद्ध विभागों की भी समीक्षा की। बैठक में वनमण्डलाधिकारी अमिताभ बाजपेई, अपर कलेक्टर दिलीप अग्रवाल सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

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