COLLECTOR MEETING नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी

कलेक्टर ने सुराजी गांव योजना के तहत् नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी को विकसित करने दिए निर्देश

 

धमतरीI कलेक्टर रजत बंसल ने  जिला पंचायत के सभाकक्ष दोपहर तीन बजे से कृषि विभाग की जिला स्तरीय जैविक खेती की समीक्षा बैठक ली। बैठक में सुराजी गांव योजना के तहत् नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी को विकसित करने के निर्देश उपस्थित अधिकारियों को दिए। उन्होंने समीक्षा करते हुए कहा कि बाड़ी और बाड़ी योजना को प्राथमिकता नाडेप टैंक निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अपने-अपने क्षेत्र के बाड़ियों का सर्वे कर किसानों में जागरूकता लाएं। वे अपने-अपने बाड़ियों को विकसित कर साग-सब्जी अधिक से अधिक मात्रा में उत्पादन करें। इससे आमदानी में वृद्धि तो होगी ही और गांव के बेरोजगार तथा स्व सहायता समूहों की महिलाओं को भी रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
कलेक्टर श्री बंसल ने जिले के माॅडल गौठानों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रतिदिन निरीक्षण करें, जिससे गौठानों में बनाए जा रहे खाद और वहां एकत्रित किए जा रहे पैरा और गोबर का नाडेप टैंक में संरक्षित करने वाले कार्य में तेजी लाई जा सके। समीक्षा के दौरान तकनीकी मार्गदर्शन देते हुए किसानों को नाडेप टैंक के जरिए कंपोस्ट खाद बनाने में वृद्धि करें, जिससे रासायनिक खाद की खपत कम की जा सके। कंपोस्ट खाद से उत्पादित साग-सब्जी जो विटामिन मिलती है, वह रासायनिक खाद में नहीं पाई जाती। इसलिए अधिक से अधिक मात्रा में किसानों को जैविक खाद का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करें। कलेक्टर ने कृषि विभाग के मैदानी अधिकारी, कर्मचारियों को मुख्यालय में रहकर सुराजी गांव योजना के तहत् किए जा रहे निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने गौठान में वर्षा ऋतु में पशुओं के आने-जाने हेतु एवं वाहन से सामग्री तथा पैरा, भूसा खाद्य सामग्रियों के परिवहन के लिए शेड निर्माण किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही पशु विश्राम प्लेट फार्म, पशु शेड भण्डार तथा डिस्पेंसिंग और वर्मी कम्पोस्ट को बढ़ावा देने के लिए निर्देशित किए। पशुओं के उपचार, टीकाकरण एवं अन्य चिकित्सा संबंधी कार्य करने के लिए पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए।


जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विजय दयाराम के. ने जैविक खाद की समीक्षा करते हुए कहा कि नाडेप टैंक बनाकर किसानों को प्रशिक्षित करें, जिससे वे अपने बाड़ियों में सब्जी-भाजी का विस्तार कर सकें। उन्होंने कहा कि नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में बेरोजगारों को स्व रोजगार मिल सके और वे आत्मनिर्भर बन सके, इस पर अधिकारियों को विशेष ध्यान देने पर बल दिया। इसी तरह माॅडल गोठान में कृषि विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कार्यों में गुणवत्तापूर्वक तेजी लाने के निर्देश दिए।

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