होम्योपैथिक दवाईयों के सेवन से केन्द्रीय जेल के पच्चीस सौ कैदियों में कोविड संक्रमण का खतरा नहीं

 



प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होने से कोविड संक्रमण का खतरा कम



इन्दौर। केन्द्रीय जेल इन्दौर के अधीक्षक  राकेश भांगरे ने बताया कि कोरोना बीमारी (महामारी) से बचाव के लिये डाॅ. द्विवेदी द्वारा प्रदान की गयी होम्योपैथिक दवाईयों से जेल के 2500 कैदी कोरोना संक्रमित होने से बचे। जिसके लिये जेल अधीक्षक ने डाॅ. ए.के. द्विवेदी को सम्मानित कर प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया।

 


केन्द्रीय जेल, इन्दौर में 24 कैदियों को कोरोना पाॅजिटिव आने के बाद भी एक बन्द परिसर में होने के बावजूद भी अन्य 2500 कैदियों को संक्रमण नहीं हुआ। इसके लिये केन्द्रीय जेल, इन्दौर में डाॅ. ए.के. द्विवेदी द्वारा प्रदान की गयी निःशुल्क होम्योपैथिक चिकित्सा के लिये उनका आभारी रहेगा। डाॅ. ए.के. द्विवेदी एवं डाॅ. वैभव चतुर्वेदी तथा उनकी टीम के सभी सदस्य डाॅ. विवेक शर्मा, डाॅ. जितेन्द्र कुमार पुरी, राकेश यादव,  दीपक उपाध्याय एवं  विनय कुमार पाण्डेय द्वारा समय-समय पर जेल परिसर में आकर होम्योपैथिक, मानसिक चिकित्सा तथा यौगिक चिकित्सा द्वारा कैदियों (बंदियों) को मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य लाभ देते रहते थे।


डाॅ. द्विवेदी ने बताया कि, ऐसे कैदी जिन्हें बार-बार सर्दी, जुकाम तथा खाँसी के अलावा, रक्तस्राव, पाईल्स, त्वचा रोग एवं जोड़ों में दर्द इत्यादि बीमारी के इलाज के लिये शासकीय चिकित्सालय भेजना पड़ता था। वे लोग अब बीमार ही कम होते हैं। होम्योपैथिक दवाईयों के लगातार सेवन से कैदियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर हुई है

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